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भारत में राजनीतिक जागृति | Political Awakening in India

 भारत में राजनीतिक जागृति | Political Awakening in India: भारत में अंग्रेजी शिक्षा के प्रारंभ होने के बाद एक नए शिक्षित वर्ग का उदय हुआ जो बुद्धिजीवी वर्ग नाम से जाना गया इन बुद्धिजीवियों ने भारत में कई राजनीतिक संस्थाओं की स्थापना की जिन्होंने भारतीयों में राजनीतिक चेतना प्रशासनिक सुधारों तथा नागरिक अधिकारों की मांग को प्रबल किया.

भारत में राजनीतिक जागृति | Political Awakening in India

19 वीं सदी में भारत में राजनीतिक जागृति उत्पन्न होने के पीछे निम्नलिखित कारण जिम्मेदार थे:-
1. सामाजिक धार्मिक सुधार आंदोलनों का प्रभाव:- भारत में राजनीतिक जागृति का प्रमुख कारण  तत्कालीन सामाजिक धार्मिक सुधार आंदोलन थे भारत में चले सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलनों ने जैसी ब्रह्मसमाज आर्यसमाज श्री रामकृष्ण मिशन थियोसॉफिकल सोसायटी आदि ने भारतीयों में व्यक्तिगत और सामाजिक समानता पर बल दिया

तथा समानता की यह भावना आगे चलकर राष्ट्रीयता के रूप में प्रकट हुई भारतीय धर्म समाज सुधारकों राजाराम दयानंद सरस्वती विवेकानंद जी एनी बेसेंट गोपाल हरि देशमुख ज्योतिबा फूले  सभी  ने भारतीयों में आत्मविश्वास का तथा प्राचीन परंपराओं के प्रति श्रद्धा उत्पन्न की  जिससे देश में राष्ट्रीय चेतना का विकास तथा संचार हुआ.

2. यंग बंगाल आंदोलन:- भारत में राष्ट्रीयता के बीज बोने में यंग बंगाल आंदोलन के प्रणेता हेनरी विवियन  डेराजियो का भी महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है.
इन्होंने बंगाल में ईस्ट इंडिया कंपनी की नीतियों का विरोध किया तथा बंगालियों में राष्ट्रवाद की भावना संचालित की.

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